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Friday, 29 July 2016

गुरदीप को इंडोनेशिया में नहीं दी गयी मौत की सजा

नई दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को कहा कि इंडोनेशिया में मादक पदार्थ मामले में भारतीय नागरिक गुरदीप सिंह को मौत की सजा नहीं दी गयी है, जिसे बीती रात मौत की सजा दी जानी थी। सुषमा ने
ट्वीट किया, इंडोनेशिया में भारतीय राजदूत ने मुझे सूचना दी है कि गुरदीप सिंह को मौत की सजा नहीं दी गई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि भारतीय नागरिक को मौत की सजा क्यों नहीं दी गयी जबकि चार अन्य दोषियों को फायरिंग स्क्वाड ने मौत की सजा दे दी। 48 वर्षीय सिंह का नाम उन 10 दोषियों की सूची में था, जिन्हें मौत की सजा दी जानी थी, लेकिन उसे मौत की सजा नहीं दी गई। इंडोनेशिया की एक अदालत ने उसे 300 ग्राम हेरोइन तस्करी करने के प्रयास का दोषी पाया था और उसे 2005 में मौत की सजा सुनायी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कल कहा था कि जकार्ता में भारतीय दूतावास के अधिकारी इस मुद्दे को लेकर इंडोनेशियाई विदेश विभाग और देश के शीर्ष नेताओं तक पहुंच रहे हैं। सुषमा ने कहा था कि सरकार सिंह को बचाने के लिए अंतिम क्षण का प्रयास कर रही है। स्वरूप ने कहा, सिंह के कानूनी प्रतिनिधि अफधाल मुहम्मद का मत था कि वह संबंधित कानून के तहत इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के समक्ष क्षमादान की याचिका दायर कर सकता है। दूतावास ने इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय को एक नोट वर्बेल भेजकर आग्रह किया कि मौत की सजा से पहले सभी कानूनी उपाय अपनाए जाने चाहिए। अधिकारियों के मौत की सजा फिर से शुरू करने का निर्णय लेने के बाद पंजाब के जालंधर निवासी सिंह सहित 14 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई थी। मानवाधिकार संगठनों ने इस निर्णय की आलोचना की। इंडोनेशिया, नाइजीरिया, जिम्बाब्वे और पाकिस्तान के नागरिक सहित 14 लोगों का नाम मौत की सजा की सूची में था। सिंह को 29 अगस्त 2004 में सुकर्णो हत्ता हवाईअड्डे से मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। फरवरी 2005 में तांगेरांग अदालत ने उसे मौत की सजा सुनायी थी, जबकि अभियोजकों ने उसे 20 साल का कारावास देने का अनुरोध किया था। बानतेन हाईकोर्ट ने मई 2005 में मौत की सजा के खिलाफ उसकी अपील को खारिज कर दिया था। फिर उसने सुप्रीम कोर्ट में अपील की जिसने उसकी मौत की सजा बरकरार रखी। वह इस समय नुसाकाबंगन पासिर पुतिह, सिलाकाप में हिरासत में है। (यूएनएस)

बेरोजगारी को लेकर राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा

नई दिल्ली।  विपक्षी दल के सदस्यों ने बेरोजगारी की समस्या को लेकर राज्यसभा में भारी शोरगुल और हंगामा किया जिसके कारण सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। जनता दल यू के शरद यादव ने शून्यकाल के
दौरान देश में बेरोजगारी की समस्या को उठाते हुए कहा कि अब यह विकट समस्या हो गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने 2०14 में वादा किया था कि देश में दो करोड लोगों को हर वर्ष रोजगार दिया जायेगा। इस वादे को यदि पूरा किया जाये तो देश निश्चित रूप से आगे बढ़ सकता है। यादव ने कहा कि अंग्रेजी में शिक्षा ग्रहण करने वाले लोगों को तो रोजगार के अवसर मिल भी जाते है लेकिन अन्य भारतीय भाषाओं में अध्ययन करने वालों को यह अवसर नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि संगठित क्षेत्र में 2०11 में नौ लाख लोगों को रोजगार मिलता था। जबकि 2०13 में यह संख्या घटकर 4.19 लाख हो गई। 2०15 तक तो यह संख्या घटकर तीन लाख के आस पास आ गयी। कांग्रेस के आनंद शर्मा और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सीताराम येचुरी ने भी बेरोजगारी को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि रोजगार पाने योग्य लोगों में से केवल एक प्रतिशत को ही यह अवसर मिल पाता है। उन्होंने कहा कि रोजगार नहीं मिलने के कारण युवा पीढ़ी हताश है। संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद देश में विकास और विश्वास का माहौल बना है और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रोजगार के अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मित्रों में हताशा और निराशा है तो उसका इलाज नहीं कर सकते। इसके बाद कांग्रेस, जनता दल यू और समाजवादी पार्टी के सदस्य सदन के बीच में आ गये और नारेबाजी करने लगे। वे दो करोड़ लोगों के रोजगार का वादा पूरा करो का नारा लगा रहे थे। कांग्रेस के सदस्यों ने नकवी के बयान का कड़ा विरोध किया जिस पर उपसभापति पी जे कुरियन ने कहा कि मंत्री के बयान में यदि कोई असंसदीय शब्द होगा उसे सदन की कार्यवाही से निकाल दिया जायेगा। बाद में नकवी ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में कहा था कि देश हताश और निराश नहीं हो सकता। इसके बाद भी सदस्यों का हंगामा जारी रहा तो 1135 बजे के बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पूर्व शून्यकाल के दौरान ही माकपा के के.के. रागेश ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक उद्योगपतियों को उदारता से श्रण उपलब्ध करा रहा है जबकि छात्रों को श्रण देने में अनाकानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि बैंक ने श्रण नहीं लौटने वाले छात्रों को अपने बैंक में नौकरी के लिए आवेदन करने से मना किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा वातावरण बनाना चाहिए छात्र शिक्षा के बाद बैंकों को रिण वापस कर सके। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को पैसा कमाने की मशीन बना दिया गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के डी राजा ने बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का मुद्दा उठाया और कहा कि बैंकों के निजीकरण के विरोध में 1० लाख कर्मचारी हड़ताल पर है। उन्होंने कहा कि श्रण लेने के बाद उसकी वापसी नहीं करने वालें के खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कुरियन ने कहा कि राजा ने इस मामले को लेकर नियम 267 के तहत नोटिस दिया गया है जिसे अस्वीकार कर दिया गया है। (यूएनएस)

हत्या कर सिर ले जाने वालों को फांसी की सजा

मैनपुरी। वर्ष 2003 में हुए सुरेंद्र हत्याकांड के दो आरोपियों को न्यायालय ने फांसी की सजा सुनाई है। उन पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने उनके कृत्य को जघन्यतम अपराध माना। हत्यारे सिर भी
काटकर ले गए थे। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने कटा हुआ सिर बरामद किया था। मामला कुरावली थाना क्षेत्र के ग्राम नगला मोहन का है। 25 नवंबर 2003 को ग्रामवासी सत्यपाल सिंह पुत्र शिवदयाल सिंह ने कुरावली थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि वो अपने भाई सुरेंद्र और चाचा के साथ प्रधान के घर लौट रहा था। तभी रास्ते में गांव के भंवर सिंह, जबर सिंह पुत्रगण नौबत सिंह तथा संजू बघेल पुत्र रामशंकर ने घेर लिया। रंजिश में आरोपियों ने हंसिया और कुल्हाड़ी से सुरेंद्र की गर्दन काट दी सत्यपाल व उसके चाचा को हत्या की धमकी देकर भगा दिया। हत्या के बाद आरोपी सुरेंद्र का सिर काटकर ले गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। गैंगस्टर कोर्ट संख्या-5 के न्यायाधीश बच्चू सिंह ने संजू बघेल और भंवर सिंह को फांसी की सजा सुना दी। तीसरे आरोपी जबर सिंह की मामले की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। फांसी की सजा सुनते ही दोनों आरोपी न्यायालय में रो पड़े। मामले में जिरह शासकीय अधिवक्ता प्रेमचंद्र निगम द्वारा की गई। किशोरी को आगरा ले जाकर होटल में दुष्कर्म करने के आरोप में एक सेवानिवृत फौजी को कोर्ट ने दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। थाना बागवाला में 24 मार्च 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया कि उसकी सोलह वर्षीय पुत्री को गांव का ही सेवानिवृत फौजी रघुवीर निवासी जलालपुर नई बाइक का पूजन कराने के बहाने उसे आगरा ले गया था। जहां उसकी बेटी के साथ आरोपी ने एक होटल में दुष्कर्म किया था। दर्ज रिपोर्ट पर पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल करते हुए घटना के साक्ष्य एवं गवाह कोर्ट में पेश किए थे। गुरुवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। (यूएनएस)

श्रमजीवी विस्फोट में एक बांग्लादेशी दोषी करार, दूसरे पर 2 को फैसला

जौनपुर । जौनपुर के सिंगरामऊ स्टेशन के पास हरपालगंज रेलवे क्रासिंग पर 28 जुलाई 2005 को हुए श्रमजीवी एक्सप्रेस बम विस्फोट कांड में आरोपी रोनी उर्फ आलमगीर को स्थानीय कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी करार दिया।
सजा पर फैसला शनिवार को होगा। दूसरे आरोपित ओबेदुर्रहमान पर 2 अगस्त को फैसला होगा। इस घटना में 12 लोगों की मौत हुई थी और पांच दर्जन के लगभग लोग घायल हुए थे। पिछले 11 वर्षों से चल रही सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम बुधिराम यादव ने फैसला सुनाया है। रोनी उर्फ आलमगीर और ओबेदुर्रहमान दोनों बांग्लादेश के निवासी हैं। जनरल बोगी में हुए विस्फोट के मामले में ट्रेन के गार्ड जफर अली ने जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। (यूएनएस)

मजीठिया में हिम्मत है तो मुझे करें गिरफ्तार: केजरीवाल

अमृतसर। पंजाब के राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के मानहानि केस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता संजय सिंह और आशीष खेतान आज अमृतसर कोर्ट
में पेश हुए. इस मामले में केजरीवाल और संजय सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई है. इस संबंध में वकील एचएस फुल्का ने बताया कि अरविंद केजरीवाल और आप नेता संजय सिंह को 40,000 रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई है और 15 अक्टूबर को इस मामले में अगली सुनवाई होगी. कोर्ट में पेशी के पहले अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान से सुर्खियां बटोरी. दरअसल केजरीवाल ने कोर्ट में पेश होने से पहले कहा कि मजीठिया में हिम्मत है तो 6 महीने में मुझे गिरफ्तार करके दिखा दें, नहीं तो 6 महीने बाद मैं मजीठिया को गिरफ्तार करके दिखाउंगा. उन्होंने मजीठिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मैंने कुछ दिन पहले कहा था कि मजीठिया नशे के धंधे में लिप्त हैं. तो उसने मुझ पर मानहानि का केस कर दिया. ऐसा करने की उनकी हिम्मत कैसे हुई? केजरीवाल ने कहा कि पंजाब का बच्चा-बच्चा जानता है कि मजीठिया नशे का कारोबार करता है. उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने मेरे ऊपर झूठा केस कर दिया तो आम आदमी का यहां क्या हाल होता होगा. गौरतलब है कि मजीठिया की ओर से दायर किए गए केस में माफी न मांगने पर आप नेताओं की गिरफ्तारी की जा सकती है. इससे पहले 18 जुलाई को अमृतसर की एक निचली अदालत ने मानहानि के एक मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी (आप) के कुछ अन्य नेताओं के नाम समन जारी किया था। (यूएनएस)

शराबबंदी के बाद वित्तीय संकट में बिहार सरकार: मोदी

पटना। विधान परिषद में विरोधी दल के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि राज्य सरकार वित्तीय संकट के दौर में है. शिक्षकों को वेतन नहीं देने के लिए उपयोगिता प्रमाण पत्र तो एक बहाना है.
माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के 50 हजार शिक्षकों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है. प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के दो लाख शिक्षकों को तीन से चार माह तक का तक का वेतन नहीं मिला है. यह शराबबंदी के कारण तीन हजार करोड़ रुपये की हुई कमी के कारण हो रहा है. वे विधान परिषद स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. मोदी ने कहा कि सरकार को सदन की अवधि को बढ़ाना चाहिए. इस बार की मानसून सत्र को अब तक का सबसे छोटा सत्र है. उन्हेांने कहा कि अब तक कम से कम छह दिन का सत्र हुआ है. इस बार तो पांच दिन का कर दिया गया है. पहले सदन की सोमवार से शुक्रवार तक चलता था. इस बार शुक्रवार को सदन में महत्वपूर्ण सवाल उठाने से वंचित रह जायेगा. उन्होंने कहा कि विप तो शिक्षा का सदन है. इस बार यहां शिक्षा से संबंधित एक भी सवाल नहीं उठाया जा सकेगा. इसमें टॉपर्स घोटाला जैसे मुद्दों को उठाना आवश्यक होगा. उन्होंने कहा कि कम समय में भी जनता के मुद्दों को उठाने की कोशिश की जायेगी. मोदी ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को राहत और बचाव के लिए कुछ नहीं किया जा रहा है. फसल बीमा के लिए अब तक एजेंसी का चयन नहीं किया गया है. ऐसे मुद्दों को उठाने के लिए सदन की अवधि को बढ़ाना चाहिए.उन्होंने कहा कि यूपी के चुनाव में लालू प्रसाद और नीतीश कुमार अलग-अलग चुनाव मैदान में है. जहां नीतीश कुमार यूपी में मुलायम सिंह यादव का विरोध कर रहे हैं वहीं लालू प्रसाद मुलायम सिंह के साथ मजबूती से खड़े हैं. मोदी ने कहा कि इसका असर बिहार में महागंठबंधन के संबंध पर भी पड़ेगा. उन्होंने कहा कि शराबबंदी के मुद्दे पर नीतीश कुमार मुलायम सिंह के विरोध में हैं. एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि जहां शराबबंदी का श्रेय नीतीश कुमार लेना चाहते हैं तो लालू प्रसाद ताड़ी पर रोक नहीं लगने का श्रेय लेने में जुटे हैं. मोदी ने कहा कि वे ताड़ी पर प्रतिबंध के विरोध में है। (यूएनएस)

हाफिज सईद को चाचा कहता है आतंकी बहादुर अली

नई दिल्ली। पिछले दिनों सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ के बाद जम्मू-कश्मीर के नौगाम से गिरफ्तार आतंकी सैफुल्ला बहादुर अली पूछताछ के दौरान एक के बाद एक नया खुलासा कर रहा है. एनआइए उससे पूछताछ कर
रही है जिसमें उसने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वह हाफिज सईद को चाचा बुलाता है.आतंकी बहादुर अली ने बताया कि वह पीओके में हाफिज सईद से मिल चुका है. उसे ए-3 उर्फ ड्राइवर का कोड दिया गया था. बहादुर के मुताबिक लश्कर के लोग हाफिज को चाचा कहकर संबोधित किया करते थे. अली ने एनआईए पूछताछ में बताया कि भारत में घुसपैठ करने के बाद उसके तीन साथी एनकाउंटर में मारे गए थे जिसके बाद वह सैटलाइट फोन से पाकिस्तान में वालिद नाम के एक शख्स के साथ लगातार संपर्क साधे हुए था. वालिद उसे आगे के प्लान के बारे में लगातार बता रहा था. वालिद ने उसे दो लोगों से मुलाकात करने को कहा था जिसका कोडवर्ड डॉक्टर और नर्स कोडवर्ड था. इस कोडवर्ड का अर्थ एक पुरुष और एक महिला ऑपरेटिव्स से था. अली ने कहा कि हमसे कश्मीर में निर्दोष लोगों को मारने को कहा गया था.आपको बता दें कि उसने गुरुवार को कबूल कर लिया है कि वह लश्कर का आतंकी है. गुरुवार को एनआइए पूछताछ के लिए उसे दिल्ली लेकर आयी, जहां उसने कई अहम खुलासे किये. बताया जाता है कि पूछताछ में बहादुर अली ने साफ शब्दों में कहा कि वह सीमा पार से आया है और लाहौर का रहने वाला है. उसने अपनी उम्र 21 साल बतायी है. अली ने बताया कि उसने लश्कर-ए-तैयबा से ट्रेनिंग ली है. उसे भारत में स्पेशल मिशन पर भेजा गया है.सुरक्षा बलों ने अली को सोमवार को गिरफ्तार किया था. उसके पास से तीन एके-47, दो पिस्टल और 23000 रुपये की भारतीय मुद्रा बरामद की गयी थी. अली को मुठभेड़ में जिंदा पकड़ा गया था, जबकि उसके चार साथी मारे गये थे. एनआइए की पूछताछ में उसने बताया कि पाकिस्तान के मुजफ्फराबाद में बड़ी संख्या में आतंकी तैयार हो रहे हैं. अली ने बताया कि वह तथा मुठभेड़ में मारे गये उसके साथी आत्मघाती हमले की तैयारी में थे. इसके अलावा अली को कश्मीर घाटी में बुरहान वानी की तरह नये पोस्टर बॉय तैयार करने की जिम्मेदारी भी दी गयी थी. अली की स्वीकारोक्ति के बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर समेत भारत के अन्य हिस्सों में आतंकवादी घटनाओं के पीछे पाकिस्तान का हाथ है, इसके स्पष्ट सबूत भी मिल चुके हैं। (यूएनएस)

बिहार के बक्सर से दयाशंकर सिंह गिरफ्तार

बक्सर। बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी करने वाले भाजपा से निष्कासित नेता दयाशंकर सिंह को बिहार के बक्सर से गिरफ्तार कर लिया गया है. गौर हो कि मायावती पर टिप्पणी करने के
बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था. वहीं उत्तर प्रदेश की पुलिस ने उनके खिलाफ वारंट जारी कर रखा था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दयाशंकर की गिरफ्तारी की पुष्टि बक्सर के एसपी उपेंद्र शर्मा ने भी की है. उन्हें यूपी पुलिस की स्पेशल टीम ने गिरफ्तार किया है. बक्सर का इलाक यूपी के बलिया से सटा है जहां से दयाशंकर ताल्लुक रखते हैं. बता दें कि दयाशंकर सिंह बीते दिनों झारखंड के देवघर में देखे गये थे. इससे पहले दयाशंकर सिंह की गिरफ्तारी पर रोक की अर्जी खारिज होने के बाद यह उम्मीद जतायी जा रही थी कि वह आत्मसमर्पण कर सकते हैं. जिसके मद्देनजर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने के लिए घेराबंदी तेज कर दी थी. लखनऊ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मंजिल सैनी ने बताया था कि दो-तीन दिन में पुलिस अदालत से दयाशंकर के खिलाफ कुर्की का आदेश हासिल कर लेगी. कुर्की के आदेश जारी होने पर दयाशंकर की मुश्किलें बढ़ने की संभावना थी. उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के बाद दयाशंकर के खिलाफ हजरतगंज थाने में एससी-एसटी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करायी गयी थी, जिसके बाद से ही दयाशंकर सिंह फरार चल रहे थे. पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. इस मामले में दयाशंकर की पत्नी स्वाति सिंह ने भी मायावती और बसपा नेता नसीमुददीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी थी। (यूएनएस)

फिर सुलगने लगी कच्ची शराब की भट्टियां

लखनऊ। माल पुलिस की मिली भगत के चलते कच्ची शराब के कारोबारी एक बार फिर से सक्रिय हो गये है। जिससे एक बार फिर से माल थाना क्षेत्र के गांवो कच्ची शराब की भट्टियां सुलगने लगी है। जहरीली शराब का
सौदा पुलिस सुविधा शुल्क लेकर करा रही है। वहीं आबकारी विभाग भी खाना पूर्ति कर अपनी पीठ को थपथपा रहा है। माल इलाके में फिर से जहरीली शराब के कारोबारी अपने व्यवसाय में पूरी तरह संलिप्त देखे जा सकते हैं। पुलिस को सुविधा शुल्क देकर यह व्यवसाय फिर से फलने फूलने लगा है। क्षेत्र के रामनगर, गहदों, कैथनखेड़ा, केड़ौरा, सुर्तीखेड़ा, आभाखेड़ा, कल्याणपुर, माल, गौरैया, नौबस्ता, नबीपनाह, बाजार गांॅव, बीरपुर, जगदीशपुर, थावर, हसनापुर, अमृतखेड़ा आदि दर्जनों गांॅव सहित जहरीली शराब का कारोबार चल रहा है। देखा जाये तो पुलिस के नाक के नीचे थाने से 100 मीटर की दूरी पर कच्ची शराब की दर्जनों भट्टियां आज भी धड़ल्ले से धधक रही हैं। पुलिस अभी तक इन कारोबारियों पर अंकुश नहीं लगा सकी। जबकि देखा जाये तो जहरीली शराब से हादसा होने पर आबकारी विभाग भी अपनी पीठ थपथपाने के लिए गांॅव पहंॅुच जाते हैं। ग्रामीणों के शिकायत के बावजूद भी आबकारी विभाग क्षेत्र में नहीं दिखायी पड़ते हैं। जहरीली शराब को और जहरीली करने के लिए कारोबारी कई तरह के कैमिकल जैसे यूरिया, नीम, ईष्ट, दुधारू पशुओं को लगाने वाले इंजेक्शन आदि कई जहरीले पदार्थों का मिश्रण करते हैं। बीती 11 जनवरी को मलिहाबाद के दतली गांव में 52 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत होने के बाद भी आबकारी विभाग व पुलिस विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा। (यूएनएस)

काकोरी में चाकू से गोदकर रिक्शा चालक की हत्या

लखनऊ। काकोरी थानाक्षेत्र में त्रिपाल बांधने को लेकर दंबग पड़ोसी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर रिक्शा चालक को दौड़ा दौड़ा कर पीटा। बीच बचाव करने आए चालक के बहनोई पर दंबग ने चाकू से वार कर दिया। जिससे दोनों बुरी तरह से घायल हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल ले जाने लगी। रास्ते में रिक्शाचालक ने दम तोड़ दिया, जबकि उसके बहनोई का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। काकोरी संवाददाता के अनुसार मूलरूप से गोपामऊ पिहानी हरदोई निवासी गुफरान(30)शाहपुर बमरौली काकोरी में झोपड-पट्टड्ढी डालकर रह रहा था। वह रिक्शा चलाकर अपनी मां हसीना, पत्नी शिबा और 4 वर्षीय बेटी गुलबशा व छह माह के बेटे हसन का भरण पोषण करता था। शुक्रवार की शाम उसकी मां हसीना रोटी बनाने के लिए आंटा गूंथ रही थी। उसने गुफरान से कहा कि बरसात का मौसम है और त्रिपाल कोई उठा ले गया। इतने में गुफरान पड़ोसी सुरेन्द्र यादव के घर त्रिपाल मांगने के लिए पहुंच गया। उसने कहा कि त्रिपाल दे दीजिए उसे बरसात से बचने के लिए बांधना है। इतने में दबंग दूध व्यवसायी सुरेन्द्र यादव आग बबूला हो गया और उसने उसे दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया। उसके साथ उसकी पत्नी भी निकल आई। रिक्शा चालक गुफरान जान बचाने के लिए इधर उधर भागने और चिल्लाने लगा। आवाज सुनकर गुफरान का बहनोई सानू से बचाने के लिए आया तो दबंग ने उसे भी चाकू से गोद डाला। इसके बाद वह वहां से भाग निकला। शोरगुल सुनकर उसकी मां हसीना व पत्नी शिबा भी दौड़ी, तब तक दोनों बुरी तरह से घायल हो गए। आनन-फानन में परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस दोनों घायल अवस्था में अस्पताल लाने लगे। उसी समय गुफरान ने रास्ते में दम तोड़ दिया। जबकि घायल सानू को ट्रामा सेंटर लाया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। फिलहाल पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर हत्यारोपी की तलाश कर रही है। (यूएनएस)

आशा कार्यकत्रियों ने किया चक्काजाम, लगाया दुर्व्यवहार का आरोप

मछलीशहर, जौनपुर (सं.) 29 जुलाई। हौसला पोषण योजना प्रशिक्षण में भाग लेने आयी आशा कार्यकत्रियों ने अपने साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुये शुक्रवार को खण्ड विकास कार्यालय के सामने मछलीशहर-जंघई मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इसके चलते दोनों तरफ वाहनों की लम्बी कतारंे लग गयीं। घण्टे भर बाद पहुंचे कोतवाल ने किसी तरह समझा-बुझाकर जाम समाप्त करवाया। 
जौनपुर के मछलीशहर में जंघई मार्ग पर जाम लगायीं आशा
कार्यकत्रियांे को समझाते कोतवाल। छाया-तेजस टूडे
प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय ब्लाक मुख्यालय पर हौसला पोषण योजना के बारे में जानकारी देने हेतु ग्राम प्रधानों, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकत्रियों की बैठक खण्ड शिक्षा अधिकारी व सीडीपीओ की संयुक्त अध्यक्षता में बुलायी गयी। आशा कार्यकत्रियों ने आरोप लगाया कि दूर-दराज गांवों से आयीं महिलाओं को बैठक में काफी देर तक खड़ा रखने के बाद गंदा खुला बिस्किट थमा कर घर जाने को कह दिया गया। इतना ही नहीं, इस योजना का विशेष अंग होने के बाद भी उनके प्रति उपेक्षात्मक व्यवहार किया गया।
इससे नाराज कार्यकत्रियों ने नारेबाजी करते हुये खण्ड विकास कार्यालय के सामने जंघई मार्ग पर जाम लगा दिया। जानकारी होने पर पहुंचे कोतवाल ने किसी तरह समझा-बुझाकर जाम समाप्त करवाया। वहीं इस बाबत सीडीपीओ मुन्नी देवी का कहना है कि उपेक्षा का आरोप गलत है। जिस खुले बिस्किट को लेकर वे प्रदर्शन कर रही थीं, उसका कोई बजट नहीं था। मैंने मानवता के कारण अपनी तरफ से व्यवस्था कराया था। चक्काजाम करने वालों में सुधा गिरी,  निशा, गायत्री तिवार, मंजू सिंह, गीता यादव, उर्मिला, संगीता पाल, शर्मिला, रेनू सिंह, शकुंतला सहित तमाम कार्यकत्रियां प्रमुख रहीं।

राजनाथ की हत्या के पीछे अब भी बना हुआ है रहस्य!

हत्यारे कौन थे और क्यों इतनी निर्दयता से हत्या की?
आर.एस. यादव
केराकत, जौनपुर (सं.) 29 जुलाई। स्थानीय कोतवाली से महज एक किमी दूर स्थित मड़इया सरायबीरू गांव में बीते बुधवार की रात्रि मड़हे में सो रहे अधेड़ की धारदार हथियारों से गला काटकर निर्दयतापूर्वक हत्या करने की घटना के 48 घण्टे बाद भी गांव में भय व दहशत का वातावरण बना हुआ है। स्वभाव से अत्यन्त मृदुल राजनाथ की हत्या से गांव ही नहीं, लोगबाग भी काफी दुखी और भौंचक हैं कि आखिर उनकी इतनी बेरहमी से किसने और क्यों हत्या की? हत्या के पीछे आखिर वह कौन सा गम्भीर रहस्य छिपा है जिसके चलते राजनाथ की निर्दयतापूर्वक हत्या की गयी।
घटना के बाद से मृतक के परिजनों के करूण-क्रंदन से राह गुजर रहे हर कदम जहां रूक जा रहे हैं, वहीं परिचितों की आंखों से भी आंसू की धारा नहीं रूक रही है। हत्यारों ने राजनाथ की हत्या की और यदि की तो उनसे क्या दुश्मनी थी? जबकि परिजनों व ग्रामीणों का कहना है कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी। घटना के बाद से पूरे गांव में भय व दहशत के साथ किसी अनहोनी की आशंका भरा खौफ का मंजर छाया हुआ है। शाम ढलने व अंधेरा होने के साथ ही लोगों के घरों के दरवाजे बंद हो जा रहे हैं।
राजनाथ की हत्या जहां एक अबूझ पहेली बनी हुई है, वहीं हत्याकाण्ड को लेकर गम्भीर यक्ष प्रश्न खड़ा हो गया है कि आखिर राजनाथ की हत्या इतनी निर्दयतापूर्वक हत्यारों ने क्यों की? उनकी हत्या के पीछे वह कौन सा रहस्या छिपा हुआ है जिसके चलते देखने में निहायत सीधे-साधे राजनाथ की हत्या की गयी। कुल मिलाकर यह गम्भीर प्रकरण निष्पक्ष जांच का विषय बना हुआ है।

तथाकथित धर्म के ठेकेदारों की देवस्थल पर पड़ी कुदृष्टि

हिन्दू-मुस्लिम धर्म से जुड़ी कुटी पर अवैध कब्जे का आरोप
केराकत, जौनपुर (सं.) 29 जुलाई। स्थानीय तहसील क्षेत्र के नरहन गांव में स्थित हजरत इस्माइल शाह बाबा की कुटी के मैदान को कुछ तथाकथित धर्म के ठेकेदारों द्वारा अवैध ढंग से जुताई किया जा रहा है। इसको देखकर कहा जा रहा है कि यह कब्जा करने के साथ पर्दे के पीछे से कश्मीर जैसे हालात पैदा करने की साजिश तो नहीं की जा रही है।
मालूम हो कि उक्त मैदान पर मायावती सरकार के काबीना मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी की चुनावी सभा के साथ बच्चों द्वारा खेलकूद आदि का आयोजन किया जाता रहा है। सूत्रों के अनुसार धर्म की आड़ में उक्त ठेकेदारों द्वारा धीरे-धीरे कब्जा करने की साजिश जारी है। आदि गंगा गोमती नदी के तट पर अवस्थित मजार व कुटी के मैदान से लेकर सती माता की प्राचीन चबूतरा भी है जहां हिन्दू धर्म के लोग प्रतिदिन पूजन-अर्चन करते हैं।
गंगा जमुनी तहजीब के प्रतीक इस स्थान पर भी कब्जा करने और विवाद उत्पन्न करने के अलावा पूर्व में पेड़ लगाकर हड़पने की एक धर्म के स्वयं-भू ठेकेदार द्वारा साजिश किया गया लेकिन जबर्दस्त विरोध करके हिन्दू वर्ग के लोगों ने उनके मंसूबों को फेल कर दिया था। बताते चलें कि उक्त मैदान प्राचीन काल से ही इसी रूप में रहा है जिसे शुक्रवार को धर्म के तथाकथित एक ठेकेदार द्वारा टैªक्टर से जुताई करा दी गयी। इस घटना से हिन्दू व मुस्लिम वर्ग के धर्मप्रेमियों में असंतोष व्याप्त है।
गौरतलब हो कि सप्ताह के प्रत्येक गुरूवार के दिन उक्त मजार पर मन्नतें मांगने के लिये मुस्लिम वर्ग की अपेक्षा हिन्दू महिला व पुरूषों की भारी भीड़ उमड़ती है जहां निष्ठा भाव से लोग मन्नतें मांगते हैं।

केराकत में लालफीताशाही की भेंट चढ़ रहा खाद्यान्न वितरण योजना

केराकत, जौनपुर (सं.) 29 जुलाई। सरकार द्वारा लागू खाद्य वितरण योजना लालफीताशाही की भेंट चढ़ता नजर आने लगा है। प्रारम्भिक दौर में ही यह योजना कोटेदारों व खाद्य आपूर्ति विभाग की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की जननी बन गयी है। जिनको योजना को ईमानदारी से लागू करने व पात्रों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है, वे स्वयं आंखों पर पट्टी बांधे लूट-खसोट को बढ़ावा देने में अप्रत्यक्ष रूप से लगे हों तो यह कैसे उम्मीद की जा सकती है कि पात्रों को योजना का लाभ मिल रहा है।
मालूम हो कि केराकत विकास खण्ड क्षेत्र के ग्रामसभा भैरोभानपुर के प्रधान बाल गोविन्द ने उपजिलाधिकारी को एक शिकायती पत्रक देकर गांव के कोटेदार पर सार्वजनिक वितरण व्यवस्था में भारी अनियमितता किये जाने का आरोप लगाते हुये जांच की मांग किया। साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ति निरीक्षक जांच के नाम पर औपचारिकताएं पूरी कर कोटेदार को बचाने व संरक्षण देने का कार्य कर रहे हैं जो शासन व प्रशासन की मंशा व जनहित के विरूद्ध है। प्रधान ने निष्पक्ष जांच व कोटेदार के विरूद्ध कार्यवाही न होने पर इसकी शिकायत जिलाधिकारी सहित उत्तर प्रदेश शासन से करने की चेतावनी दिया है।

पांच बच्चों की मां नाबालिग युवक के साथ फरार

मछलीशहर, जौनपुर (सं.) 29 जुलाई। स्थनीय कोतवाली थाना क्षेत्र के अमारा गांव निवासी 5 बच्चों की एक औरत पड़ोस के ही एक लड़के के साथ भाग गयी। उक्त युवक अरविन्द चौहान 17 वर्ष है जो 3 दिन से फरार है।
आरोपी अरविन्द के माता-पिता का कहना है कि उसके बेटे को बहला-फुसलाकर वही औरत ले गयी है। चर्चा है कि उक्त महिला का अरविन्द का बहुत दिनों से चक्कर चल रहा था।

दबंगों के आगे लाचार हैै परिवहन विभाग

प्राइवेट वाहन स्वामियों के दबाव में थम जा रही रोडवेज बस की चाल
केराकत, जौनपुर (सं.) 29 जुलाई।एक ओर जहां प्रदेश की सभी सड़कों पर परिवहन विभाग की बसों को दौड़ाने के साथ यात्रियों को सुलभ यात्रा का लाभ देने की कवायद में प्रदेश सरकार लगी हुई, है वहीं दूसरी ओर दबंग प्राइवेट डग्गामार वाहनों के मालिक व चालक रोडवेज की बसों को चलने नहीं दे रहे हैं जिससे राजस्व को चपत तो लग ही रहा है। साथ ही आमजन को सरकारी बस सेवा का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। ऐसा ही मामला केराकत-वाराणसी वाया खुज्झी मोढ़ के बीच चलने वाली सिटी बस सेवा का है जिसे पिछले दिनों से बंद कर दिया गया है। इससे क्षेत्रीय लोगों को परेशानी हो रही है। साथ ही सबसे ज्यादा उन लोगों को परेशान होना पड़ रहा है जिनके पास एमएसटी है। बताते चलें कि वर्षों से आवागमन की सुविधा से वंचित चल रहे केराकत क्षेत्र के लोगों की मांग पर विचार करते हुये वाराणसी कैण्ट डिपो से एक सिटी बस का परिचालन किया जा रहा था जो कैण्ट से चोलापुर, दानगंज, चंदवक वाया खुज्झी होते हुये केराकत तक चल रही थी। यह बस दिन दो दिन वाराणसी केराकत-वाराणसी के बीच में लगाया करती थी। रात्रि में इस बस का हाल्ट केराकत में होता था। सुबह यही बस 6 बजे वाराणसी के लिये रवाना हुआ करती थी जिससे वाराणसी जाने वाले लोगों को काफी सुगमता हो गयी थी। व्यापारी, छात्र, अधिवक्ता सहित मेहनतकश लोगों से लेकर दूधिया आदि भी इस बस की सेवा लेने लगे थे। चूंकि इस बस के चालक व परिचालक दोनों ही क्षेत्रीय थे। इससे इस बस के परिचालन से यात्रियों के साथ विभाग को भी भरपूर आय होने लगी थी। बताया जाता है कि केराकत-वाराणसी मार्ग पर एक प्रकार से अपना दबदबा बनाये हुये वाहन चालकों व मालिकों ने एक विधायक के लेटर पैड का उपयोग करते हुये बस चालक पर मनगढंत आरोप लगाते हुये उसकी शिकायत करने के साथ अपने मंसूबों को अमली जामा पहनाने हेतु बस के परिचालन में अवरोध उत्पन्न करने का काम किया। परिणाम यह रहा कि विभाग ने भी आंख मंूद करके सत्ताधारी विधायक के पत्र को संज्ञान में लेते हुये कार्यवाही कर तो दिया लेकिन जरा भी उन यात्रियों के बारे में सोचने की जहमत नहीं उठायी जिन्हें सुबह वाराणसी आने के लिये यह बस लाभप्रद साबित हो रही थी। इतना ही नहीं, एमएसटी धारक यात्रियों के बारे में भी नहीं सोचा गया कि अब उनका क्या होगा। बताते चलें कि एक बस केराकत से थानागद्दी वाया सिंधौरा होते हुये वाराणसी के लिये चलती है लेकिन इस बस का कोई समय न होने से यात्रियों को इसका भरपूर लाभ नहीं मिल पा रहा है। यात्रियों का कहना है कि केराकत से चंदवक वाराणसी तक चलने वाली बस का समय ठीक चल रहा था। सबसे ज्यादा सुविधा सुबह के समय वाराणसी जाने व आने में होती थी लेकिन विभाग ने बिना कुछ सोचे-समझे कार्यवाही करके यात्रियों के हितों की अनदेखी करने का काम किया है। यात्रियों में उक्त विधायक के प्रति भी इस बात को लेकर आक्रोश है कि उन्होंने बिना किसी जांच-पड़ताल के कैसे पत्र लिख दिया? क्या उन्हें सरकारी राजस्व व यात्रियों के हितों से ज्यादा प्राइवेट वाहन मालिकों व चालकों का हित प्रसंद है? क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि बस का यथावत परिचालन शुचारू रूप से पुनः प्रारम्भ नहीं किया गया तो वह सम्पूर्ण मामले की जानकारी से मुख्यमंत्री को अवगत कराने के साथ आंदोलन करने के लिए भी बाध्य होंगे।

डग्गामार वाहनों पर प्रशासन का नहीं है कोई जोर
जौनपुर (सं.) 29 जुलाई। केराकत-वाराणसी मार्ग पर चलने वाले प्राइवेट डग्गामार वाहनों पर राज्य सड़क परिवहन विभाग और जिला प्रशासन का कोई जोर नहीं है। अलबत्ता इतना देखने में जरूर आता है कि डग्गामार वाहनों के संचालक सरकारी बस के परिचालन में बाधा खड़े कर दिये करते हैं। मसलन सरकारी बसों को सवारी न उठाने से लेकर मारपीट करने तक में भी पीछे नहीं रहते हैं।

समीक्षा बैठक में दर्जनों अधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश

सीडीओ ने उपजिलाधिकारी व तहसीलदार सदर की शिकायतों पर दी चेतावनी
जौनपुर (सं.) 29 जुलाई। मुख्य विकास अधिकारी शीतला प्रसाद श्रीवास्तव ने बीती रात कलेक्टेªट सभागार में शिकायतों के निस्तारण समय से न करने वाले अधिकारियों के साथ बैठक किया। इस दौरान पता चला कि राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री की आनलाइन 163 शिकायतों में से 48 निस्तारित व 115 अवशेष, मुख्यमंत्री संदर्भ आनलाइन 76 शिकायतों में से 17 निस्तारित व 59 अवशेष, जिलाधिकारी के यहां आनलाइन 218 शिकायतों में से 88 निस्तारित व 130 अवशेष तथा जिलाधिकारी जनसुवाई के दौरान 340 शिकायतों में से 190 निस्तारित व 150 अवशेष हैं। साथ ही विभागवार समीक्षा करते हुये 2 दिन के भीतर निस्तारित करने का निर्देश दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने उपजिलाधिकारी सदर राकेश पटेल व तहसीलदार सदर केएन तिवारी की अधिक शिकायतों पर चेतावनी दिया। बैठक में अनुपस्थित अधीक्षण अभियंता विद्युत, अधिशासी अभियंता विद्युत प्रथम, द्वितीय, तृतीय, अधिशासी अभियंता जल निगम निर्माण शाखा, डीपीआरओ, पीडी, डीएफओ, अधिशासी अभियंता सिंचाई, शारदा सहायक खण्ड 36, 39, अधिशासी अभियंता नलकूप खण्ड, क्षेत्रीय प्रबन्धक दूरसंचार, एलडीएम, प्रोबेशन अधिकारी, अधिशासी अभियंता प्रान्तीय खण्ड, जिला जन विकलांग अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रबन्धक रेलवे, खण्ड विकास अधिकारी बदलापुर, महराजगंज, मुंगराबादशाहपुर, धर्मापुर, उपायुक्त उद्योग, क्षेत्रीय प्रबन्धक यूपी स्टेट एग्रो लिमिटेड, जिला खाद्य प्रसंस्करण उद्यान अधिकारी, सहायक आयुक्त वाणिज्य कर का वेतन रोकने का आदेश दिया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रविन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी उमाकान्त त्रिपाठी, अपर आरक्षी अधीक्षक देहात अरूण श्रीवास्तव, नगर मजिस्टेªट रत्नाकर मिश्र, जिला विकास अधिकारी दयाराम, उपायुक्त मनरेगा रामबाबू त्रिपाठी, आईएएस शिव शरणप्ता, ज्वाइंट मजिस्टेªट मछलीशहर सतेन्द्र्र कुमार, एसडीएम मड़ियाहूं रामकेश यादव, केराकत एस. मिश्रा, शाहगंज रामाकान्त, एसओसी आरबी सिंह, डीएसओ डा. आरके तिवारी सहित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

कौशल विकास मिशन के प्रचार वाहन को डीएम ने किया रवाना

जौनपुर (सं.) 29 जुलाई। जिलाधिकारी भानु चन्द्र गोस्वामी ने कलेक्टेªट परिसर से कौशल विकास मिशन के प्रयास से प्रचार वाहन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। साथ ही उन्होंने प्रदेश में कौशल विकास मिशन
जौनपुर के कलेक्ट्रेट में प्रचार वाहन को झण्डी दिखाकर रवाना
करते जिलाधिकारी भानु चन्द्र गोस्वामी। छाया- तेजस टूडे
में जिले को द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर पूरी टीम को बधाई दिया। इस मौके पर कौशल विकास मिशन के नोडल अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि प्रचार वाहन कलेक्टेªट से प्रस्थान करके लाइन बाजार, सर्किट हाउस, रामदयालगंज बाजार, मड़ियाहूं में नुक्कड़ नाटक कर प्रदर्शन करेगा। वहां से वाजिदपुर तिराहा होते हुये पालिटेक्निक चौराहा, नईगंज, बदलापुर पड़ाव के आस-पास भी नुक्कड नाटक करेगा। इसके बाद जेसीज, सिपाह, पचहटियां, शाहगंज पड़ाव, धर्मापुर बाजार होते हुये सिरकोनी बाजार में कार्यक्रम करने के उपरान्त वाराणसी चला जायेगा। इस अवसर पर जिला समन्वयक राजीव सिंह, कौशल विकास मिशन प्रबन्धक सर्वेश मिश्र, राजीव कुमार सहित अन्य सम्बन्धित उपस्थित रहे।

कांवरियों की सुरक्षा व व्यवस्था के लिए डीएम को विहिप ने सौंपा ज्ञापन

जौनपुर (सं.) 29 जुलाई। सावन मास में कांवरियों द्वारा पैदल पथगमन एवं व्यवस्था को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिये विश्व हिन्दू परिषद ने शुक्रवार को 4 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
जौनपुर के कलेक्ट्रेट में प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते
विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारीगण। छाया- तेजस टूडे
महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि सावन मास के शुरू होते लाखों कांवरिया जलाभिषेक एवं दर्शन पूजन हेतु विभिन्न राजमार्गों से होते हुये लगातार विभिन्न दार्शनिक स्थलों पर जाते हैं। उनकी सुरक्षा सहित स्वास्थ्य, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था समुचित होना चाहिये। जिलाधिकारी को ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष राकेश चन्द दूबे, जिला मंत्री रघुवंश यादव, अनिरूद्ध मौर्य, रंजीत यादव, शिव आसरे सिंह, आचार्य रविन्द्र द्विवेदी, शैलेष सिंह भारद्वाज, कुंवर सिंह, प्रवेश गुप्ता, कमलेश जायसवाल, प्रभाकर तिवारी, पंकज तिवारी, कमलेश अग्रहरि, संतोष सोनी, राविन श्रीवास्तव, मनीष, चन्द्रभूषण दूबे, दिनेश सिंह, लाल प्रकाश पाल, राजकुमार बिन्द, शुभम सिंह, आकाश तिवारी, नागेन्द्र सरोज, प्रेमचन्द्र सैनी, रितेश बिन्द, राज निषाद, रवि निषाद, पंकज सिंह, रामचन्द्र सेठ के अलावा तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कांवरियों का विशाल जत्था बाबा धाम रवाना

स्वामी अम्बुजानन्द के नेतृत्व में निकली भव्य शोभायात्रा
जौनपुर (सं.) 29 जुलाई। शिव सेवा संस्थानम् के संस्थापक स्वामी अम्बुजानन्द जी महाराज के नेतृत्व में जनपद के कांवरियों का विशाल जत्था शुक्रवार को जलाभिषेक के लिये बाबा धाम रवाना हुआ। जत्थे में शामिल
शिवभक्तों का जगह-जगह लोगांे स्वागत किया तो बोल बम व हर हर महादेव की गूंज से पूरा वातावरण गूंजायमान रहा। इसके पहले आदि गंगा गोमती के पावन तट पर स्थित हनुमान घाट से प्रातः 8 बजे हजारों नर, नारी, बच्चे, बूढ़े, युवा शिवभक्त उपस्थित हुये जहां से निकले कांवरिये पदयात्रा करते हुये चहारसू, शाही पुल, ओलन्दगंज, मैहर देवी मंदिर पहुंचकर दर्शन किये जिसके बाद से पुनः ओलन्दगंज, शाही

जौनपुर से बाबा धाम के लिये रवाना होते शिव सेवा
संस्थानम्के  लोग एवं सिद्दीकपुर से बैजनाथ धाम
जाते शिवभक्त। छाया- तेजस टूडे
पुल, चहारसू, कोतवाली, सुतहट्टी होते हुये भण्डारी रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां से फरक्का एक्सप्रेस टेªन पर सवार होकर भक्त सुल्तानगंज के लिये रवाना हो गये। आकर्षक झांकी, ढोल, ताशा के बीच निकले शिवभक्तों के जत्थे ने पूरे नगर का भ्रमण किया जहां जगह-जगह स्वागत हुआ। इस अवसर पर उदय सेठ, विमल सिंह, संतोष सेठ, अजय सेठ, हरेराम केसरवानी, रूप नारायण माली, विजय चौरसिया, मनीष सेठ, बाबा, टिन्कू बम, रोहन सेठ, पिण्टू, सुमित साहू, पवन शर्मा मौजूद रहे।
इसी क्रम में मां शीतला कांवरिया संघ सिद्दीकपुर के नेतृत्व में सैकड़ों भक्त बाबा धाम के लिये रवाना हुये। जत्थे में शामिल शिवभक्तों ने बताया कि बाबा धाम के अलावा वे बासुकीनाथ, काशी विश्वनाथ का भी दर्शन करेंगे। जत्थे मतें पांचू राम निषाद, पांचू विश्वकर्मा, पवन गुप्ता, अभिमन्यु सिंह, लुल्लूर सिंह, जोगेन्द्र गुप्ता, रोहन, चंदन, बबलू यादव, साधु यादव, वेदांत निषाद, राना सिंह, गब्बर सिंह, दाऊ निषाद, बिरजू निषाद, सूरज निषाद, संध्या गुप्ता, अश्वनी गुप्ता, निर्मला सिंह सहित अन्य शिवभक्त शामिल रहे।